चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एक्ट, 1949 इतिहास और कारण का भारतीय संविधान सभा ने 1949 में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एक्ट पारित किया, जिसका उद्देश्य भारत में चार्टर्ड अकाउंटेंट पेशे को विनियमित करना था। यह अधिनियम 1 जुलाई, 1949 से लागू
हुआ था। संविधान सभा में चर्चा
संविधान सभा ने 30 मई, 1949 को मसौदा संविधान पर चर्चा की, जिसमें सरकारी खर्च और राजस्व से संबंधित प्रावधान शामिल थे। संविधान सभा की बैठकों में विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई. जिनमें मौलिक अधिकार, निर्देशक सिद्धांत और प्रस्तावना शामिल हैं।
एक्ट के पीछे का कारण
चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एक्ट, 1949 पारित करने के पीछे का मुख्य कारण भारत में चार्टर्ड अकाउंटेंट पेशे को विनियमित करना और इसे एक संगठित रूप देना था। इस एक्ट के तहत, इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की स्थापना की गई, जो इस पेशे के लिए एक पेशेवर निकाय के रूप में कार्य करता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
संविधान सभा की बैठकें संविधान सभा ने 9 दिसंबर, 1946 से 26 नवंबर, 1949 तक 11 सत्र आयोजित किए।
– संविधान का प्रारूप संविधान सभा ने 2 साल, 11 महीने और 18 दिनों में संविधान का प्रारूप तैयार किया।
– मौलिक अधिकार संविधान सभा ने मौलिक अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की, जो भारतीय संविधान के भाग III में शामिल हैं।
अब इस पेशे के इतिहास पर नजर डालते है।






