सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम निर्णय में स्पष्ट किया कि वसीयत (Will) को कोर्ट में साबित करने के लिए कम से कम एक गवाह की गवाही अनिवार्य है।
वह गवाह जिसने वसीयत पर साइन किया हो।
यानी बिना गवाह की गवाही, वसीयत कोर्ट में वैध नहीं मानी जाएगी।
यह नियम उन सभी मामलों पर लागू होता है, जहां वसीयत को सबूत के तौर पर पेश किया जाता है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा-
Evidence के बिना, Will कभी भी कानूनी तौर पर मान्य नहीं होगी।
इसका मतलब यह है कि वसीयत बनाते समय गवाहों की उपस्थिति न केवल कानूनी प्रक्रिया के लिए ज़रूरी है, बल्कि यह भविष्य में विवादों से बचाव का भी सबसे भरोसेमंद तरीका है।
ध्यान दें-
गवाहों को वसीयत के हस्ताक्षर और समय का स्पष्ट पता होना चाहिए।
यदि वसीयत पर किसी गवाह की गवाही नहीं होती, तो कोर्ट इसे अस्वीकार कर सकती है।
यह निर्णय सभी ऐसे मामलों पर लागू होगा जहां वसीयत को साबूत के तौर पर पेश किया जाता है।







